श्रावण संक्रांति के पावन अवसर पर शुक्रवार को माता नैना और माता भद्रकाली के निशान के साथ जिया सं
भुंतर (कुल्लू)। श्रावण संक्रांति के अवसर पर शुक्रवार को माता नैना और माता भद्रकाली ने जिया संगम में स्नान पर परंपरा निभाई। इस दौरान कई श्रद्धालुओं ने भी आस्था की डुबकी लगाई और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए माता का आशीर्वाद लिया।
माता के आने से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा और श्रद्धालुओं के जयकारों से माहौल गूंज उठा। माता के पुजारी अमित महंत ने बताया कि 26 जुलाई को पिपलागे स्थित नैना माता मंदिर में माता की भव्य जाग (होम) का आयोजन किया जाएगा।
इस दौरान विशाल भगवती भंडारा, माता का जागरण और विभिन्न पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान होगा। आयोजन का मुख्य आकर्षण माता के गुर और चेलिए परंपरा के अनुसार दहकते अंगारों पर नृत्य करेंगे। इस अनूठी धार्मिक परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।