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दो माह में 22 बार बढ़ाई पेट्रोल-डीजल की कीमतें

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ढालपुर में महंगाई को लेकर धरना देते सीपीआईएम के नेता व कार्यकर्ता। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। देशभर में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद्य वस्तुओं के बढ़ते दामों और बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी बुधवार को सड़कों पर उतरी। जिला मुख्यालय में महिलाओं, मजदूरों और किसानों ने केंद्र व प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने में नाकाम केंद्र सरकार के प्रति रोष जताया गया। राज्य सचिवालय सदस्य प्रेम गौतम ने कहा कि केंद्र सरकार ने महंगाई बढ़ाकर जनता को परेशानी में डाल दिया है। कोरोना काल में ऑक्सफेम की रिपोर्ट के अनुसार 97 प्रतिशत जनता के आय के साधन कम हुए हैं।
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उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सभी व्यक्तियों को 10 किलो मुफ्त राशन प्रतिमाह देना चाहिए था। डिपुओं में सस्ते राशन की सुविधा उपलब्ध और आयकर मुक्त व्यक्तियों को 7500 रुपये मासिक आर्थिक मदद सुनिश्चित की जानी चाहिए थी। लेकिन इसके विपरीत मई से लेकर अब तक 22 बार पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई गई हैं। जिससे खाद्य वस्तुएं जनता की पहुंच से बाहर हो गई हैं। महासचिव होतम सौंखला ने कहा कि केंद्र की नव उदारवादी नीतियों के चलते देश की जनता को महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। वर्तमान में देश में पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर की कीमत पार कर गया है। केंद्र ने अपना खजाना भरने के लिए पेट्रोल-डीजल महंगा किया है। केंद्र सरकार चंद पूंजीपतियों के फायदों के लिए काम कर रही है। इस दौरान भूप सिंह भंडारी, राजेश ठाकुर, गोविंद भंडारी, सरचंद ठाकुर, अनिल कुमार, खेम चंद, चमन ठाकुर, रामचंद, ममता नेगी आदि उपस्थित रहे।
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