डेढ़ घंटे तक किया प्रदर्शन, रैली भी निकाली, तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी
डीसी-एसपी से मिले प्रदर्शनकारी, उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर लौटे
मांगपत्र सौंपकर जताया विरोध, कहा- सहन नहीं करेंगे देवताओं का अनादर
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा में लगातार हो रहे देवताओं के अनादर को लेकर सोमवार को कुल्लू में लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने तहसीलदार कुल्लू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डीसी और एसपी से भी मिले। एसपी से 10 दिन के अंदर मामले की छानबीन का आश्वासन मिलने के बाद ही प्रदर्शनकारी लौटे।
सुबह 10:00 बजे से पहले ही लोग भूतनाथ बेली ब्रिज पर पहुंचने शुरू हो गए थे। सुबह 11:00 बजे तक काफी संख्या में लोग पहुंचे। करीब 11:45 बजे भूतनाथ से लोग रैली की शक्ल में ढालपुर के लिए रवाना हुए। भूतनाथ पुल से शीतला माता मंदिर, ढालपुर चौक होते हुए रैली उपायुक्त कार्यालय पहुंची। तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उपायुक्त कार्यालय के बाहर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन चला। इसके बाद 3:00 बजे प्रदर्शनकारी एसपी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अमन सूद ने कहा कि वर्ष 2023 के दशहरा में भी देव अनादर हुआ। 2025 में तहसीलदार कुल्लू ने देवता भृगु ऋषि और कारदार को अंदर डालने की धमकी दी। देवताओं का अनादर नहीं सहेंगे। भगवान रघुनाथ के कारदार दानवेंद्र सिंह ने जगती में देवताओं के आदेश के बारे में बताया। हिंदू रक्षा मंच के प्रदेश अध्यक्ष कमल गौतम ने कहा कि दशहरे में देवताओं के अनादर के विरोध में एक मांग पत्र उपायुक्त और एसपी को सौंपा गया है। दस दिन में उचित कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
यह था विवाद
कुल्लू दशहरा में देवता भृगु ऋषि के अस्थायी शिविर में तहसीलदार के जूतों के साथ जाने पर देवसमाज और देवलू भड़क गए थे। देवलू तहसीलदार को घसीटते हुए देवता के अस्थायी शिविर तक लाए थे। इसके बाद तहसीलदार ने माफी मांगी थी। पुलिस ने बाद में तहसीलदार की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की। देवसमाज की ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर नहीं हुई।