कुल्लू। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने लोगों की सेहत पर असर डालना शुरू कर दिया है। असमय बारिश और अचानक बढ़ रही गर्मी के कारण लोग तेजी से बीमार पड़ रहे हैं। खासकर जलजनित रोगों के मामले बढ़ने लगे हैं। जिले के अस्पतालों में डायरिया, पेट दर्द और पीलिया से पीड़ित मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। गंभीर मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की मेडिसिन और सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे लक्षणों वाले 10 से 15 मरीज सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के बड़े अस्पतालों के अलावा प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी डायरिया के मरीज मिलने लगे हैं। फिलहाल मामलों की संख्या अधिक नहीं है, लेकिन समय रहते सावधानी नहीं बरती गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि डायरिया एक गंभीर संक्रमण है, जो खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। विभाग का कहना है कि मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध करवाने और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक तैयारियां की गई हैं।
विशेषज्ञों ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और जितना संभव हो पानी उबालकर पीने की अपील की है। उनका कहना है कि गर्मी और बारिश के इस मौसम में जलजनित रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है।
....
गर्मी के मौसम में दूषित पानी और भोजन के कारण जल जनित रोग फैलने की आशंका बनी रहती है। इनसे बचाव के लिए साफ और उबला हुआ पानी पीएं। बाहर का खुला भोजन, कटे हुए फल आदि खाने से परहेज करें। आसपास की साफ-सफाई के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखें। ताजा भोजन करें और पानी को छानकर पिएं।
-डॉ. रणजीत सिंह ठाकुर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
000