कुल्लू। हिमाचल प्रदेश पेंशनभोगी संघ ने सिविल पेंशनर एंड सोशल वेलफेयर एसोसिएशन की कार्यकारिणी के दोफाड़ होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष एलआर गुलशन, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार, महासचिव मिलाप चंद ने संयुक्त बयान में कहा कि आत्माराम शर्मा पेंशनर एंड सोशल वेलफेयर एसोसिएशन शहरी इकाई शिमला के अध्यक्ष तथाकथित प्रदेशाध्यक्ष बन बैठे थे, जो मनमाने ढंग से फैसले लेते रहे। इससे उनके गुट के लोगों में अंदरखाते विरोध की चिंगारी सुलगती रही। उनके कमजोर नेतृत्व के चलते पेंशनर कल्याण संघ दोफाड़ हो गया है।
गुलशन के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं भुंतर खंड इकाई के महासचिव खुशाल चंद नेगी, प्रदेश उपाध्यक्ष (महिला विंग) लीला डोगरा, संगठन सचिव मनोरमा डोगरा, कोषाध्यक्ष तेज सिंह ठाकुर, प्रदेश वरिष्ठ मुख्य सलाहकार एमआर संगरोली, मुख्य सलाहकार सीताराम ठाकुर, जयकृष्ण ठाकुर, जिला अध्यक्ष दयाल सिंह ठाकुर ने कहा कि पेंशनर एंड सोशल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष आत्माराम शर्मा को उनके ही लोगों की ओर से संघ से बर्खास्त करना उनके कमजोर नेतृत्व को दर्शाता है। यही हाल जिले की पेंशनर वेलफेयर एंड सोशल एसोसिएशन का है। जहां कार्यकारिणी अवैध, असांविधानिक एवं अलोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई है, जिसे पेंशनरों के मामलों को उठाने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश पेंशनभोगी संघ ही प्रदेश में पेंशनधारकों का एकमात्र प्रतिनिधि संगठन है, जो पेंशनरों के जायज मामलों को सरकार और जिला प्रशासन से जोरदार ढंग से उठाता आया है।