फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kullu News: सिक्किम, अरुणाचल और उत्तराखंड की मांग पूरी कर रहा पतलीकूहल फिश फार्म

Sat, 15 Mar 2025 09:58 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
विज्ञापन
पतलीकूहल में ट्राउट मछली संवाद
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे भी परोसी गई थी पतलीकूहल की ट्राउट
विज्ञापन

बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान और सलमान खान भी चख चुके हैं ट्राउट का स्वाद
हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार दे रही ट्राउट मछली का व्यवसाय

संजय ठाकुर
पतलीकूहल (कुल्लू)। हिमाचल में ट्राउट मछली के उत्पादन में कुल्लू का पतलीकूहल अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यहां हर साल 9 लाख से अधिक ट्राउट मछली के बीज का उत्पादन किया जा रहा है।
इस फार्म से प्रदेश के सभी जिलों के मछली पालकों को फीड और ट्राउट मछली के बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इतना ही नहीं, सिक्किम,अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी रेनबो ट्राउट मछली के बीज की मांग को यह फार्म पूरा कर रहा है। पतलीकूहल फिश फार्म की स्थापना 1990 के दशक में नॉर्वे के सहयोग से किया गया है।
विज्ञापन


हिमाचल में पहली बार 1909 में कश्मीर से ट्राउट मछली का बीज लाकर नदी-नालों में डाला गया था। इसके बाद कुल्लू के ठंडे पानी में ट्राउट मछली का उत्पादन निरंतर बढ़ता गया, जिससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिला। पतलीकूहल फिश फार्म के निदेशक महेश कुमार विवेक चंदेल ने बताया कि 1990 के दशक में नॉर्वे के सहयोग से इस फार्म की स्थापना की गई थी। तब से यह फार्म लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

इस फार्म की ट्राउट मछली पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान और सलमान खान तक पहुंची है। इनके मनाली प्रवास के दौरान विशेष रूप से ट्राउट मछली भेजी जाती थी। वर्तमान में भी दिल्ली और मुंबई के कई पांच सितारा होटलों में पतलीकूहल की ट्राउट मछली परोसी जाती है। इतना ही नहीं, पांच साल पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान भी पतलीकूहल की ट्राउट को उनको के लिए परोसा गया था।
विज्ञापन


वित्तीय सहायता दे रहा मत्स्य विभाग
मत्स्य पालन विभाग किसानों को तकनीकी जानकारी और वित्तीय सहायता भी दे रहा है। ट्राउट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए कुल्लू में 115 से अधिक निजी मत्स्य पालक सक्रिय हैं। वर्तमान में 334 टैंकों में ट्राउट मछली का पालन किया जा रहा है। हर साल 100 टन से अधिक मछली का उत्पादन हो रहा है। सरकार नीली क्रांति विकास योजना के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत नए मछली पालन तालाब बनाने के लिए सामान्य वर्ग को 40 और अनुसूचित जाति एवं महिलाओं को 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें