संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। जिले में चिकित्सक कोलकाता में डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले की उचित जांच और सेंट्रल हेल्थ वर्कर्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं। चिकित्सकों ने मंगलवार को भी ओपीडी बंद रखीं। तीन दिनों से ओपीडी में उपचार न होने से मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में चार जिलों के मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की रोजाना की ओपीडी 800 से 1,000 के बीच रहती है, लेकिन तीन दिनों से मरीजों का उपचार नहीं हुआ है।
अस्पताल के चक्कर काट-काटकर मरीज परेशान हैं। मरीज आशा ठाकुर ने कहा कि वह सैंज से आई हैं और गायनी ओपीडी में उपचार करवाना है। चिकित्सक न होने के कारण उपचार नहीं हो पा रहा है। बुजुर्ग बुधराम ने कहा कि वह नग्गर से आए हैं। उन्हें हड्डी रोग विशेषज्ञ से उपचार करवाना है। जोड़ों में दर्द के कारण वह अस्पताल आए थे, लेकिन अस्पताल में ओपीडी बंद है। वहीं, मरीज सीमा, रोशनी, आशा, अक्षिता, मोहित, सूरत राम, मोहर सिंह ने कहा कि तीन दिन से अस्पताल में उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं।
अस्पताल में आकर पता चलता है कि आज भी चिकित्सक सेवाएं नहीं देंगे। उधर, हिमाचल प्रदेश मेडिकल ऑफिसर एसोसिएशन कुल्लू के अध्यक्ष डॉ. कल्याण ठाकुर ने कहा कि चिकित्सक एसोसिएशन सेंट्रल हेल्थ वर्कर्स प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कर रहे हैं। कहा कि ट्रामा सेंटर में आपातकालीन स्थिति में मरीजों का उपचार किया जा रहा है। संवाद