पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की सूची जारी होते ही कहीं खुशी तो कहीं गम देखने को मिल रहा है। रोस्टर जारी होने के बाद कई लोगों का चुनाव लड़ने का सपना टूट गया है। जबकि उन्होंने महीनों पहले से चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू कर दी थीं। चुनावों के पहले ही लोगों के बीच में जाकर कई प्रत्याशियों ने संपर्क साधना शुरू कर दिया था।
ऐन वक्त पर जारी हुए रोस्टर से कई लोग इस बार चुनाव में नहीं लड़ पाएंगे। उल्लेखनीय है कि पंचायत प्रधान की सीटें जो पिछली बार महिलाओं के लिए आरक्षित थीं, उनमें से कई सीटें इस बार भी महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। ऐसे में इन सीटों पर पुरुष प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों में पंचायत चुनावों के लिए रोस्टर जारी होने के बाद खुशी का माहौल है।
जिला की कुछ पंचायतों में आरक्षण बरकरार रहने से प्रत्याशियों को दूसरी बार चुनावी मैदान में उतरने का मौका मिलेगा। ऐसे में कुछ लोग चुनावी रोस्टर जारी होने के बाद बेहद खुश हैं कि उन्हें एक बार फिर चुनाव मैदान में उतरने का मौका मिल जाएगा।
उधर, इस मामले को लेकर पूईद पंचायत के उपप्रधान गुप्त राम ठाकुर ने कहा कि पिछली बार पूईद पंचायत प्रधान की सीट महिला एससी के आरक्षित थी। इस बार भी प्रधान महिला ही होंगी। ऐसे में पुरुष प्रत्याशी प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी पेश नहीं कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि रोस्टर जारी होने से प्रत्याशियों में कहीं खुशी तो कहीं निराशा देखी जा रही है।