उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। नए शैक्षणिक सत्र में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग ने जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के लिए आठ प्रधानाचार्य के पदों पर नियुक्ति की है। इनमें से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मड्ग्रां, त्रिलोकनाथ और गौशाल स्कूलों में प्रधानाचार्यों ने ज्वाइन कर लिया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मालंग और तिंगरेट स्कूलों के लिए जारी आदेशों को प्रधानाचार्यों ने रद्द करवा लिया और वे जिला चंबा के स्कूलों में ज्वाइन कर चुके हैं। कोलंग, सलग्रां और चिमरेट स्कूलों में प्रधानाचार्यों ने अभी तक ज्वाइनिंग नहीं दी है।
इसके अलावा, घाटी में सबसे अधिक बच्चों की संख्या वाले शकोली और राजकीय आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जाहलमा के साथ-साथ सिस्सू और तिंदी स्कूलों में भी प्रधानाचार्य का पद खाली है। थिरोट पाठशाला में 31 मार्च 2026 को प्रधानाचार्य की सेवानिवृत्ति के बाद से पद खाली है।
इस नए शैक्षणिक सत्र में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति से शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार की उम्मीदें जताई जा रही हैं। 19 सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में से 12 स्कूलों में प्रधानाचार्य का पद खाली था। अब, सरकार और शिक्षा विभाग ने जनजातीय क्षेत्र लाहौल घाटी के लिए प्रधानाचार्य पद पर तैनाती के आदेश जारी किए हैं। अब, अन्य स्कूलों में भी खाली पदों को भरने की मांग तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्कूलों में प्रधानाचार्य की नियुक्ति अत्यंत आवश्यक है।
शिक्षा उपनिदेशक रमेश लाल ने बताया कि लाहौल के लिए आठ प्रधानाचार्य के आदेश जारी किए गए थे, जिनमें से तीन ने ज्वाइन कर लिया है। दो ने आदेश रद्द करवा कर जिला चंबा में ज्वाइन किया है और कोलंग, सलग्रां और तिंगरेट स्कूलों में ज्वाइन करना बाकी है।
विधायक अनुराधा राणा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार प्राथमिकता है। बताया कि रिक्त प्रधानाचार्य पदों को भरने को लेकर वह जल्द ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से फिर से बात करेंगी। संवाद