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दो साल बाद जामा मस्जिद में एक साथ अदा की नमाज

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कुल्लू की जामा मस्जिद में ईद पर एकत्रित हुए मुस्लिम समुदाय के बच्चे ईद मनाते हुए। संवाद। - फोटो : Kullu
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कुल्लू। कोरोना महामारी के चलते दो साल बाद जिले में ईद धूमधाम से मनाई गई। जिले में मुस्लिम समुदाय के साथ हिंदुओं ने भी ईद को मनाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया। ईद के इस पावन मौके पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मस्जिद में खुदा के दर में जाकर देश, प्रदेश, समाज में अमन और शांति की दुआ मांगी।
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साथ ही कोरोना से जल्द मुक्ति और विश्व शांति के लिए प्रार्थना की। मंगलवार को एक माह से चल रहे रमजान के रोजे रखने का सिलसिला भी खत्म हो गया। जिला मुख्यालय अखाड़ा बाजार स्थित जिला कुल्लू की सबसे बड़ी जामा मस्जिद में सुबह से सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एकत्रित होकर नमाज अदा की और एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की बधाई दी। यह मौका 2019 के बाद अब देखने को मिला। इसे पहले दो साल कोरोना काल में ईद को अपने घरों में ही मनाया गया था। जामा मस्जिद अखाड़ा बाजार के इमाम नवाब हाशमी ने सबको नमाज पढ़ाई। उन्होंने कहा कि खुदा से देश की सुरक्षा, तरक्की और शांति के लिए कामना की है। इस दौरान इसके बाद लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारक की बधाई दी। इस पावन अवसर पर हिंदुओं ने भी गले मिलकर मुस्लिम समुदाय के लोगों को बधाई देकर भाईचारे को संदेश दिया। ऑल हिमाचल मुस्लिम वेलफेयर सोसायटी के उपाध्यक्ष फिरासत खान ने कहा कि उन्होंने रमजान के पूरे महीने में रोजे रखकर खुदा के बताए नियमों का पालन किया है। रोजे पूरे होने पर ईद उत्सव को मनाकर पारंपरिक व्यंजन भी परोसे गए। उन्होंने कहा कि बजौरा, जगतसुख, जिया, मनाली, हाट तथा आनी में भी नमाज अदा की गई। हाट पंचायत के प्रधान बरकत अली, जिया पंचायत के उपप्रधान मोहम्मद अली, इब्राहिम भारती, दानिश, अरीब हाशमी, जीशान और अब्दुल करीम ने कहा कि ईद खुशी और हर्षोल्लास का दिन है। इस दिन अमन-शांति और चैन की दुआ मांगी जाती है।
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