कुल्लू। प्रदेश में बिजली के पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने के फैसले का उपभोक्ता कल्याण मंच ने फिर से विरोध किया है। मंच के संयोजक हुकम चंद ने कहा कि जब मौजूदा बिजली मीटर सही ढंग से काम कर रहे हैं, तो उन्हें बदलने की कोई आवश्यकता नहीं है। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर लगाने से आम बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने बताया कि बिजली बोर्ड की ओर से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निजी कंपनी के माध्यम से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे आम लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार को इस निर्णय पर दोबारा विचार करना चाहिए। इस फैसले को वापस लेना चाहिए।
उपभोक्ता कल्याण मंच लगातार इस मुद्दे को उठाता रहा है। छह मार्च 2026 को जिला मुख्यालय कुल्लू में विरोध रैली निकाली गई थी, जिसमें सरकार से स्मार्ट मीटर लगाने के फैसले को वापस लेने की मांग की गई थी। वहीं, चार अगस्त को पतलीकूहल में मंच की प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद स्मार्ट मीटर के विरोध में रैली निकालकर सरकार से इस फैसले पर पुनर्विचार करने और उपभोक्ताओं के हित में इसे वापस लेने की मांग दोहराई गई।