जिंगजिगबार से बारालाचा की और आते चार युवा। विंटर पर्यटन के लिए शुरू हुआ चार दिवसीय अभियान। संवा
रोहतांग (लाहौल-स्पीति)। जिला प्रशासन ने सैलानियों को लाहौल घाटी में प्रवेश करने की अब इजाजत दे दी है। सैलानी तोद घाटी के दारचा और तांदी होते हुए उदयपुर तक यात्रा कर सकते हैं। सैलानी बौद्ध और हिंदू धर्म की अवलोकितेश्वर मंदिर त्रिलोकीनाथ में शीश नवा सकते हैं।
इससे पहले केवल घाटी के होटल और होमस्टे में बुकिंग वाले सैलानियों को ही फोर बाई फोर वाहनों में प्रवेश करने की इजाजत थी। दोपहिया वाहनों में भी सैलानी पहाड़ की सर्पीली सड़क पर अपने सफर को रोमांचक बना सकते हैं।
इसके साथ सैलानी पूरी लाहौल घाटी में सैर कर सकते हैं। घाटी में जिन यात्रियों की बुकिंग नहीं है वे भी सुबह 9:30 बजे घाटी में प्रवेश कर शाम 5:00 बजे तक मनाली लौट सकेंगे।
सहायक आयुक्त रोहित शर्मा ने बताया कि मंगलवार से सैलानियों के वाहन लाहौल के दारचा और उदयपुर तक आ जा सकेंगे। यदि इस बीच कभी मौसम खराब हो जाता है तो घाटी के सभी होटल और होमस्टे मालिक अपने मेहमानों को इस बारे में अवगत करवाएं। मंगलवार को भी लाहौल के स्नो प्वाइंट सिस्सू और नॉर्थ पोर्टल में सैलानियों का खूब हुजूम उमड़ा। संवाद