शिमला से आए भू-वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को प्रशासन के साथ मिलकर मणिकर्ण
की उस पहाड़ी का निरीक्षण किया, जहां से चट्टान गिरी थी। उन्होंने स्थिति
को गंभीर बताया।
टीम पहाड़ी तक गई और स्थिति देख कर दंग रह गई। टीम में
एसडीएम कुल्लू रोहित ठाकुर, भू-वैज्ञानिक अतुल शर्मा, एक अन्य तथा
पीडब्ल्यूडी के अधिकारी शामिल रहे। कहा कि पहाड़ी में छोटी-बड़ी संख्या में
कई चट्टानें हैं। ये कभी भी गिर सकती हैं। इन्हें ब्लास्टिंग कर तोड़ा भी
नहीं जा सकता।
कहा कि गुरुद्वारा की सराय पर गिरी चट्टान करीब तीन किलोमीटर
दूर से आई थी। टीम पूरा रिकॉर्ड जुटा कर लौट आई है। अब भू-वैज्ञानिकों की
रिपोर्ट आना बाकी है।
इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। टीम के साथ गए
एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर ने बताया कि गुरुद्वारा सराय को सील कर दिया है।
गांव के लोगों से भी घर खाली करने को कहा गया है। उन्होंने माना कि पहाड़ी
से कभी भी और चट्टानें गिर सकती हैं।
सायरन लगाने का दिया सुझाव
टीम
ने सायरन लगाने का सुझाव दिया है। जब तक समस्या का स्थायी हल नहीं निकलता,
तब तक सायरन लगाया जाए। टीम करीब साढ़े तीन घंटे का सफर कर पहाड़ी तक
पहुंची।