लाहौल घाटी की ठंडी फिजाओं में चढ़ा सियासी पारा
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनवरी के पहले सप्ताह में ठंडी फिजाओं के बीच लाहौल में सियासी पारा चढ़ गया है। बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है।
ऐसे में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। वर्तमान में बीडीसी अध्यक्ष सोनम टशी और उपाध्यक्ष राकेश कुमार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बाद खलबली मच गई है। लाहौल में बीडीसी के कुल 15 सदस्य हैं। कांग्रेस की ओर से जारी अविश्वास प्रस्ताव में आठ बीडीसी सदस्यों के इसमें हस्ताक्षर हैं। सूत्रों के अनुसार एक अन्य बीडीसी सदस्य का कांग्रेस को समर्थन मिल सकता है। लाहौल में भाजपा और विकास मंच में बिखराव का फायदा कांग्रेस उठा सकती है। कांग्रेस के पूर्व विधायक रवि ठाकुर के भाजपा में टिकट थामने के बाद पूर्व मंत्री डाॅ. रामलाल मारकंडा गुट के लोग असमंजस की स्थिति में हैं। बीडीसी के वर्तमान अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पूर्व मंत्री मारकंडा के समय बने हैं। वहीं जिला पंचायत अधिकारी सचिन ने कहा कि अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव 31 दिसंबर को प्राप्त हुआ। 10 जनवरी को जिला परिषद भवन केलांग में बैठक बुलाई गई है। इसके लिए नोटिस भेज दिए गए हैं।