चार पुल से आगे और पांच झील की तरफ काम कर रही हैं जेसीबी
बस्तियों और पुल का खतरा हुआ कम, तीन मीटर कम हुआ झील का पानी
महेंद्र पालसरा, संवाद न्यूज एजेंसी
सैंज/न्यूली (कुल्लू)। आखिर प्रशासन ने सिउंड के पास बनी झील को खाली करने के लिए शनिवार को मशीनरी लगा दी है। अब झील में जमा पानी कम होने लगा है। बाढ़ आने के बाद यहां पुल में लकड़ियां, चट्टानें और मलबा फंस गया था। इस कारण बड़ी झील बन गई है।
यह सैंज से लेकर लारजी तक नदी के किनारे बसी बस्तियों के लिए खतरा बन गई थी। साथ ही रैला-1 और रैला-2 पंचायतों को सैंज से जोड़ने वाले सिउंड पुल पर भी खतरे के बादल मंडराने लगे थे। लिहाजा, इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। लिहाजा, शनिवार को पुल के अगले भाग में चार जेसीबी को नदी से मलबा हटाने के लिए लगाया गया। पांच जेसीबी को पुल के पिछले हिस्से में झील वाले क्षेत्र में लगाया गया। सुबह से मलबे को हटाकर झील का स्तर कम करने का कार्य चल रहा है। सुबह से लगी मशीनरी ने पानी की निकासी के लिए रास्ता बनाकर झील में जमा पानी, मलबा का स्तर करीब तीन मीटर नीचे कर दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। लोगों की मानें तो अभी इसे पूरी तरह से खाली करने की जरूरत है, जिससे आने वाले समय में भी इस तरह का कोई खतरा पैदा न हो। मौके पर जेसीबी के माध्यम से मलबा, चट्टानों और लकड़ियों को हटाने का कार्य जारी है।
तीन दिन से बनी झील के पानी को रास्ता बनाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए थे। एनएचपीसी ने अपने पावर हाउस को सुरक्षित करने के लिए शुक्रवार को नदी में आधा दर्जन से अधिक मशीनें उतार दी थीं, लेकिन सिउंड में बनी झील के खतरे को देखते हुए कोई भी गंभीर नजर नहीं आ रहा था। अब शनिवार सुबह से मशीनें लगाकर कार्य शुरू कर दिया गया है।