हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 14 के तहत निर्देश जारी
उपायुक्त ने सभी विभागों को पुलिस के साथ समन्वय बनाने को कहा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। राज्य में बढ़ती मादक द्रव्यों की तस्करी, साइकोट्रोपिक पदार्थों के दुरुपयोग और नशीले पौधों की अवैध खेती समाज के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है। इस समस्या से निपटने के लिए सभी विभागों का समन्वित और सक्रिय सहयोग आवश्यक है।
यह बात उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी तोरुल एस रवीश ने कही। उन्होंने हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम, 2007 की धारा 14 के तहत आदेश जारी कर सभी सरकारी विभागों, बोर्डों, निगमों एवं सार्वजनिक संस्थानों को निर्देश दिए कि वे जिला पुलिस को नशा तस्करी, मादक द्रव्यों के दुरुपयोग और अवैध गांजा-अफीम की खेती की रोकथाम में सहयोग प्रदान करें।
जारी आदेशों के अनुसार अब सभी विभाग अवैध गांजा और अफीम की खेती की पहचान एवं हटाने में पुलिस की सहायता करेंगे। नशा तस्करी और दुरुपयोग से जुड़ी सूचनाओं को साझा करेंगे। नशा पीड़ितों के पुनर्वास, बचाव और जन-जागरूकता अभियानों में सहयोग देंगे। रेव पार्टियों एवं अन्य संदिग्ध आयोजनों और उभरते खतरों की निगरानी करेंगे। अनुपालन अनिवार्य और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी विभागों को संबंधित आदेशों का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
हर एक विभाग को तीन दिन में एक नोडल अधिकारी नामित करने जो पुलिस विभाग के साथ समन्वय रखेगा। इस समन्वय तंत्र की समीक्षा हर माह होने वाली नशीली दवाओं के उन्मूलन पर जिला समन्वय समिति की बैठक में की जाएगी, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या चुनौती को तुरंत दूर किया जा सके।