उदयपुर (लाहौल- स्पीति)। लाहौल घाटी के दुर्गम क्षेत्र मयाड़ की तिंगरेट पंचायत में 29 दिन बाद मोबाइल फोन की घंटी बजी है। क्षेत्र में लंबे अंतराल के बाद संचार सेवा सुचारु होते ही उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है।
तिंगरेट पंचायत के कई गांवों के लोग मोबाइल फोन बंद रहने से क्षेत्र और बाहर अपनों से बात नहीं कर पा रहे थे। घाटी में भारी बर्फबारी के चलते सबसे अधिक दिक्कत मयाड़ घाटी के लोगों को हुई। सर्दी में भारी बर्फबारी के बीच काफी समय तक मयाड़ में बिजली गुल रही और साथ ही दूरसंचार सेवा भी बाधित रही।
वहीं लोक निर्माण विभाग की सड़क भी मयाड़ घाटी के अंतिम गांव खंजर तक बहाल नहीं हो पाई है। सर्दी में हुई रिकार्ड बर्फबारी से मयाड़ घाटी की तिंगरेट पंचायत के सैकड़ों लोग लंबे समय से दूरसंचार सेवा बंद रहने से परेशान रहे। वीरवार को तिंगरेट में मोबाइल टाॅवर चालू होते ही क्षेत्र के लोगों ने राहत महसूस करने के साथ ही अपनों से बात कर हालचाल भी जाना। बताया जा रहा है कि बीएसएनएल का तिंगरेट मोबाइल टाॅवर 13 मार्च को बंद हो गया था।
इस मामले को तिंगरेट पंचायत प्रधान अनीता देवी ने कई बार बीएसएनएल के अधिकारियों के समक्ष लाया। टीडीएम कुल्लू को पत्र भी सौंपा था। सड़क बंद होने की वजह से बीएसएनएल की टीम नहीं पहुंच पाई। लोक निर्माण विभाग की ओर से तिंगरेट तक सड़क बहाल करते ही बीएसएनएल की तकनीशियन टीम तिंगरेट पहुंची और वीरवार को तिंगरेट मोबाइल टावर शुरू हो गया। बीएसएनएल के टीडीएम सुदर्शन कुमार ने बताया कि टावर में दिक्कत आई थी, सड़क बंद होने से सामान पहुंचाने में टीम को दिक्कत आ रही थी। अब सड़क खुलते ही बीएसएनएल के टॉपर को भी सुचारु रूप से बहाल कर दिया है।