कुल्लू। जिला मुख्यालय कुल्लू में मंगलवार को कामगार अपने हक के लिए गरजे। ट्रेड यूनियन संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले निर्माण एवं मनरेगा कामगारों ने मांगों को लेकर रैली और प्रदर्शन किया।
सैकड़ों कामगारों ने नेहरू पार्क सरवरी से लेकर उपायुक्त कार्यालय ढालपुर तक रोष रैली निकाली और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उपायुक्त कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर धरना-प्रदर्शन किया। संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक राजेश ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार का कार्यकाल एक वर्ष से अधिक का हो गया है, लेकिन सरकार ने श्रमिक कल्याण बोर्ड से निर्माण एवं मनरेगा कामगारों को मिलने वाली सुविधाओं को बहाल नहीं किया है।
सरकार ने 12 दिसंबर 2022 को अधिसूचना जारी कर इन सुविधाओं पर रोक लगा दी थी। इसलिए सरकार के इस फैसले के खिलाफ विभिन्न ट्रेड यूनियनों ने एक मंच पर एकत्रित होकर कामगारों की मांगों को लेकर संयुक्त संघर्ष करने का निर्णय लिया था। इसके तहत मंगलवार को कुल्लू में विरोध-प्रदर्शन किया गया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार से मांग की गई कि निर्माण एवं मनरेगा कामगारों को पूर्व की भांति श्रमिक कल्याण बोर्ड की सदस्यता, नवीनीकरण और लाभों को बहाल किया जाए। पिछले तीन वर्षों से निर्माण मजदूरों की लंबित सहायता राशि जारी की जाए। पंचायतों में विभिन्न मदों के तहत होने वाले मजदूरी कार्यों को करने वाले को निर्माण कामगार घोषित करने, पंजीकृत यूनियनों को प्रमाणपत्र जारी करने के अधिकार पूर्व की भांति दिए जाएं।
बोर्ड से पेंशन पर लगी रोक को तुरंत हटाया जाए। इस दौरान इंटक जिलाध्यक्ष खीमी राम चौहान, महिला इंटक अध्यक्ष कृष्णा मोहिनी, बीएमएस जिलाध्यक्ष सुखराम वर्मा, सीटू राज्य महासचिव प्रेम गौतम, भूप सिंह भंडारी, होतम सिंह सौंखला, रामचंद, चमन लाल आदि उपस्थित रहे। संवाद