बंजार (कुल्लू)। देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू के निर्देशानुसार उपमंडल बंजार में देव संस्कृति की मजबूती के लिए जनरल हाउस का आयोजन किया गया। इसमें बंजार, तीर्थन और मंगलौर खंड इकाइयों के कारदारों ने भाग लिया। हाउस की अध्यक्षता कारदारों की पंजीकरण दस्तावेज जांच कमेटी के जिला अध्यक्ष हीरालाल ने की।
इस दौरान बंजार, तीर्थन और मंगलौर खंड इकाइयों में पंजीकृत देवी-देवताओं के कारदारों के पंजीकरण दस्तावेजों की छंटनी प्रक्रिया की गई। दस्तावेज जांच के दौरान कमेटी के दो अन्य सदस्यों एवं नग्गर खंड के जोगिंदर आचार्य और मंगलौर खंड के प्रधान जीवन शर्मा ने कारदारों को अपने सुझाव दिए।
देवी-देवता कारदार संघ जिला कुल्लू की ओर से बनाए गए संविधान के अनुरूप खंडों में पंजीकृत देवी-देवताओं के कारदारों के पंजीकरण दस्तावेजों को 20 फरवरी तक जमा करना होगा। इस मौके पर 2023 के कुल्लू दशहरा उत्सव में भाग ले चुके आमंत्रित देवी-देवताओं के साथ उपस्थित वाद्ययंत्र बजाने वालों के प्रपत्रों का अवलोकन भी किया गया।
महासचिव टीसी महंत ने कहा कि देवी-देवताओं के कब्जे वाले देव स्थलों को चिह्नित कर राजस्व रिकॉर्ड में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया एफआरए पॉलिसी के तहत की जा रही है। इस दौरान सहारा संस्था के निदेशक राजेंद्र चौहान ने उपस्थित कारदारों को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के प्रावधान के बारे में बताया।
जिले के भूमिहीन देवी-देवताओं को प्रतिवर्ष 12,000 रुपये की अनुदान राशि जारी करने की जो घोषणा वर्ष 2017 में पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह ने की थी, को पूरा करने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजने का निर्णय लिया है। संवाद