संघर्ष समिति का आरोप, नियम ताक पर रख डोहलूनाला में स्थापित किया है टोल प्लाजा
टोल प्लाजा के विरोध में अब नए सिरे से रणनीति बनाने में जुटी संघर्ष समिति
संजय ठाकुर
पतलीकूहल (कुल्लू)। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने अपने ही मंत्रालय की अधिसूचना का उल्लंघन कर मनाली के समीप डोहलूनाला में टोल प्लाजा स्थापित किया है।
एनएचएआई ने केंद्र सरकार के राजपत्र में प्रकाशित नेशनल हाईवे के फी डिटरमीनेशन एंड कलेक्शन रूल-2008 के एक्ट को दरकिनार कर डोहलूनाला में अवैध तरीके से टोल वसूलना शुरू कर दिया। टोल प्लाजा संघर्ष समिति का आरोप है कि एनएचएआई ने डोहलूनाला टोल प्लाजा के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करना भी जरूरी नहीं समझा। टोल प्लाजा को वन विभाग की भूमि पर ही रातोंरात खड़ा कर दिया। एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि टोल प्लाजा लगाने से पहले सारे नियमों को फॉलो करना होता है। सड़क चकाचक होनी चाहिए, जिससे 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से वाहन दौड़ सकें। पानी की निकासी को सड़क के दोनों ओर ड्रेन सिस्टम होना चाहिए। पैदल चलने वालों के लिए ओवर ब्रिज होने चाहिए। उन्होंने कहा कि एक्ट में स्पष्ट लिखा है कि 60 किलोमीटर के बाद ही नेशनल हाईवे पर टोल प्लाजा स्थापित किया जा सकता है। इस बात का खुलासा होते ही अब टोल प्लाजा संघर्ष समिति भी नए सिरे से रणनीति बनाने में जुट गई है। कुल्लू फलोत्पादक मंडल, भारतीय किसान संघ, मनाली टेक्सी यूनियन, मनाली होटलियर एसोसिएशन सहित कई संगठनों के साथ आम लोग भी टोल प्लाजा को हटाने के पक्ष में हैं।