जिले में बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त स्कूल के रसोई भवनों का निरीक्षण करने के निर्देश
रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन जारी करेगा निर्माण और मरम्मत के लिए बजट
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। बरसात के बाद जिले के कई विद्यालयों में मिड-डे मील की रसोई छत से नहीं, अब आसमान तले बन रही है। भारी बारिश, भूस्खलन और बादल फटने से जिले के 220 से अधिक स्कूल आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं।
खासकर रसोई भवनों की हालत चिंताजनक है जिससे विद्यार्थियों की पोषण योजना प्रभावित हो रही है। अब जिला प्रशासन ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि रसोई भवनों की स्थिति का शीघ्र निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि आवश्यक बजट जारी कर मरम्मत व निर्माण कार्य तुरंत शुरू हो सके। छात्रों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में लिया जा रहा है।
जिले में बरसात में बादल फटने, भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हर एक उपमंडल में नुकसान हुआ है। सातों शिक्षा खंडों में उच्च और प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 220 से अधिक विद्यालयों को नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने दोनों विभागों के अधिकारियों को निरीक्षण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। जिन विद्यालयों के रसोई भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके नुकसान की रिपोर्ट जल्द तैयार होगी।
बरसात में जिन स्कूल भवनों, रसोई घरों और मैदानों को नुकसान हुआ है, शिक्षा विभाग की टीम उनका निरीक्षण कर रही है। प्रशासन ने हजारों विद्यार्थियों की शिक्षा और भोजन को ध्यान में रखते हुए निरीक्षण कर नुकसान की रिपोर्ट जल्द बनाने के निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार ही निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए बजट जारी होगा। उधर, उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने कहा कि जिले के जिन विद्यालय भवनों को आंशिक या पूर्ण रूप से असुरक्षित घोषित किया गया है, वहां से कक्षाओं को अन्य सुरक्षित भवनों में शिफ्ट किया गया है। शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों के रसाेई भवन क्षतिग्रस्त हैं, उनका आकलन शीघ्र तैयार किया जाए।