उचित तरीके से किया जाए ट्रैकरों का पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पार्वती वैली एडवेंचर टूअर ऑपरेटर यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को उपायुक्त तोरुल एस रवीश से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने एडवेंचर, ट्रैकिंग गतिविधियों को लेकर हो रही अनियमितताओं के संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा।
यूनियन के अध्यक्ष डीआर सुमन ने कहा कि जिले की प्रसिद्ध पार्वती घाटी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र रही है। इसके विपरीत यह घाटी कई अनहोनी घटनाओं की भी गवाह बन रही है। अधिकतर पर्यटक बिना टूरिस्ट गाइड के पहाड़ों की ओर जा रहे हैं। घाटी में सूचना केंद्र न होने के कारण बाहरी प्रदेशों और विदेशों से आने वाले प्रकृति प्रेमियों को उचित जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे वे जंगलों में भटकते हैं और दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं।
ट्रैकिंग पर जाने वाले अधिकांश लोगों का कहीं पर भी पंजीकरण न होने के कारण आपदा प्रबंधन दलों को उचित जानकारी नहीं मिल पाती। लापता होने पर कई दिनों तक रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ता है। पार्वती घाटी में दर्जनों बाहरी राज्यों की कंपनियां अवैध रूप से कैंपिंग करवा रही हैं। सरकार को राजस्व घाटा होने के साथ-साथ स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि कैंपिंग ,होटल, ट्रैकिंग, बेस कैंप, होम स्टे आदि में एंट्री रजिस्टर को अधिक महत्व न देने के कारण पर्यटकों की पूरी जानकारी का अभाव रहता है। ट्रैकिंग रूट पर चेकपोस्ट होनी चाहिए, जिससे ट्रैकरों की वास्तविक संख्या का पता चल सके। उपायुक्त ने मांगों पर जल्द गौर करने का आश्वासन दिया है। इस दौरान चेत राम, महिंद्र सिंह, भवानी दत्त, नैन प्रकाश, गुड्डू, पौश राज, जोगिंद्र, कर्मी राम, विशाल, गिरधारी लाल आदि मौजूद रहे। संवाद
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