भारतीय रिजर्व बैंक के चंडीगढ़ कार्यालय के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य पर मंगलवार को इस कार्यालय की ओर से कुल्लू के देव सदन में वित्तीय साक्षरता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिलाधीश हंसराज चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक निर्मल चंद और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने लोगों को बैंकिंग से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इस मौके पर जिलाधीश ने लोगों से अपनी मेहनत की कमाई व बचत का निवेश करते समय विशेष सावधानियां बरतने और ठगों के झांसे या लालच में न आने की अपील की।
क्षेत्रीय निदेशक निर्मल चंद ने कहा कि ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों को देखते हुए आरबीआई ने वित्तीय साक्षरता कार्यक्रमों का आयोजन करने का निर्णय लिया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगों को आधुनिक बैंकिंग प्रक्रियाओं से अवगत करवाने के साथ उन्हें बैंकों से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया जाता है। उन्होंने लोगों को नकदी रहित लेन-देन व ऑनलाइन बैंकिंग को अपनाने की अपील भी की। इससे उपभोक्ताओं के समय की बचत होगी और बैंकिंग का खर्चा भी कम होगा।
कार्यक्रम में आरबीआई की महाप्रबंधक किरण शर्मा ने बैंक के इतिहास, कार्यप्रणाली, नियामक शक्तियों और अन्य पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। पंजाब नेशनल बैंक की क्षेत्रीय महाप्रबंधक आरती मट्टू ने ऑनलाइन ठगी के संभावित खतरों और विभिन्न बैंक योजनाओं के बारे में बताया। नाबार्ड की उप महाप्रबंधक उर्मिल लता ने भी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर जिला अग्रणी बैंक मैनेजर महेश कपूर मौजूद रहे।