जिला में बागवानी प्रसार के लिए प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2016-17 में उद्यान विभाग के माध्यम से साढ़े पंद्रह करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी कार्य योजना केंद्र सरकार को भेजी है। गत वित्त वर्ष में उद्यान विभाग ने जिला के बागवानों को लगभग एक करोड़ 82 लाख की सब्सिडी प्रदान की है। गत वित्त वर्ष के दौरान 210 हेक्टेयर भूमि पर फलों की खेती का विस्तार किया गया। इसी प्रकार लगभग 81 हेक्टेयर क्षेत्र को फूलों व सब्जियों की खेती के अंतर्गत लाया गया। सेब जीर्णोद्धार योजना के अंतर्गत करीब 94 हेक्टेयर भूमि पर सेब के पुराने पेड़ों की जगह नए पौधे लगाए गए। इसी अवधि में बागवानों को सब्सिडी पर 393 पावर स्प्रेयर दिए गए तथा 29 जल भंडारण टैंकों के लिए अनुदान दिया गया।
इनके अलावा दर्जनों किसानों को पावर टिल्लर और ओला अवरोधक जालियां सब्सिडी पर दी गईं। बागवानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित करने तथा उन्हें विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए 855 प्रशिक्षण शिविर भी लगाए गए। गत वित्त वर्ष में जिला में एकीकृत बागवानी के तहत 87 लाख, सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं पर 32 लाख, सेब जीर्णोद्धार योजना साढ़े 42 लाख और राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये का अनुदान दिया गया। जिला के करीब 2741 बागवानों ने इन सब्सिडी योजनाओं का सीधा लाभ उठाया। इधर, उद्यान विभाग के उपनिदेशक रोशन लाल शर्मा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कुल्लू जिला के बागवानों को आधुनिक खेती के लिए प्रेरित व प्रोत्साहित किया जा रहा है। विभाग की विभिन्न सब्सिडी योजनाओं का सीधा लाभ उठाकर किसान-बागवान आधुनिक खेती व फसल विविधीकरण को अपना रहे हैं और अपनी आर्थिकी मजबूत कर रहे हैं।