कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में मरीजों की संख्या एकाएक बढ़ी है। पंजीकरण काउंटर और ओपीडी में मरीजों की लाइनें लग रही हैं, तो वार्ड भरे होने के कारण गैलरी में उपचार करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या मेडिसिन और हड्डी रोग से ग्रसित मरीजों को आ रही है। परिवर्तनशील मौसम के कारण मेडिसिन और ऑर्थो के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
रोजाना औसतन 250 मरीज मेडिसिन और ऑर्थो के ही अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिले में एकाएक गर्मी और एकाएक ही ठंड पड़ रही है। इस कारण मेडिसिन में सर्दी, जुकाम, बुखार और खांसी के मरीजों के अलावा अस्थमा और सांस संबंधी परेशानी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। हड्डी रोग ओपीडी के बाहर भी मरीजों की भीड़ लग रही है।
अस्पताल में अर्थराइटिस (जोड़ों में दर्द) के मरीज भी अधिक संख्या में उपचार करवाने पहुंच रहे हैं। हालांकि ऑर्थो वार्ड में स्थिति सामान्य है, लेकिन मेडिसिन वार्ड में लगे 80 बिस्तर मरीजों से भरे पड़े हैं। तीमारदारों को मजबूरन वार्ड की गैलरी में मरीज के उपचार के लिए बिस्तर लगाने पड़ रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक वायरल, जोड़ों और कमर दर्द के मरीजों के बढ़ने का कारण परिवर्तनशील मौसम को बता रहे हैं। मौसम के एकाएक करवट बदलने से लोग वायरल और अर्थराइटिस की चपेट में आ रहे हैं।
इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश चंद ने कहा कि मेडिसिन और ऑर्थो में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम सेवाएं दे रही है। कहा कि मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद हर मरीज को उपचार संबंधी सुविधा प्रदान की जा रही है।
000