पूर्व अध्यक्ष की आपत्ति पर शहरी विकास विभाग के आदेश
अब 29 नवंबर को होंगे अध्यक्ष पद के लिए चुनाव, नोटिस जारी
संजय भारद्वाज
मनाली (कुल्लू)। नगर परिषद मनाली में लंबे अरसे से चल रहे सियासी घमासान पर 29 नवंबर को विराम लग सकता है। उपाध्यक्ष मनोज कुमार के अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के खिलाफ दायर आपत्ति का शहरी विकास विभाग (यूडी) ने जवाब भेजा है।
शहरी विकास विभाग ने साफ आदेश दिए हैं कि जब मनोज ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है तो वह अध्यक्ष पद के चुनाव में बतौर उम्मीदवार भाग ले सकते हैं।
गौरतलब है कि नौ सितंबर को भाजपा समर्थित उपाध्यक्ष मनोज लारजे, चंद्रा पदान, कल्पना ठाकुर और कांग्रेस समर्थित सुनीता शर्मा ने अध्यक्ष चमन कपूर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया था। इसके बाद हुई बैठक में यह पारित भी हुआ। 25 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने थे, लेकिन उपाध्यक्ष मनोज लारजे की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताई गई। चमन कपूर और नवीन तनवर ने आपत्ति जताई थी कि उपाध्यक्ष पद पर रहते हुए मनोज अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ सकते। हालांकि, मनोज ने अपने पद से इस्तीफा दिया था। साथ ही उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था। एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने आपत्ति को पुष्टि के लिए उपायुक्त के माध्यम से शहरी विकास विभाग को भेजा था। उसमें पूछा गया था कि मनोज अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकते है या नहीं। अब एक महीने बाद इसका जवाब आया है। कानूनी सलाह लेने के बाद भेजे आदेश में शहरी विकास विभाग ने साफ किया है कि मनोज ने 19 अक्तूबर को अपना इस्तीफा उपायुक्त को दिया है, जिसे उपायुक्त ने शहरी विकास विभाग को भेजा। इसका मतलब यह है कि उपायुक्त ने उनका इस्तीफा मंजूर किया है। ऐसे में वह अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ने के पूरे हकदार हैं। इस आदेश के बाद एसडीएम रमण कुमार शर्मा ने बतौर चुनाव अधिकारी 29 नवंबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की तिथि तय की है। उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों को इसके नोटिस भेजे गए हैं। शुक्रवार को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने हैं।
मनोज लारजे ने कहा कि अध्यक्ष पद का चुनाव जान बूझकर लटकाया गया है। एक्ट में ऐसा कही भी नहीं है कि उपाध्यक्ष रहते अध्यक्ष का चुनाव कोई नहीं लड़ सकता। अब स्थिति साफ हो गई है। राजनीतिक दबाव के चलते मनाली के विकास को रोकने का प्रयास किया गया।