पर्यटन नगरी में एक सप्ताह से नहीं पहुंची रसोई गैस और दूध की सप्लाई
कैनियों और बाल्टियों में पानी ढोकर अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे लोग
संवाद न्यूज एजेंसी
मनाली। बाढ़ के बाद मनाली में जिंदगी की रफ्तार थम गई है। ओल्ड मनाली में पानी का संकट गहरा गया है। अलेउ से आने वाली सब्जियां भी थम चुकी हैं। रसोई गैस की सप्लाई एक सप्ताह से रुकी है।
इससे लोग चूल्हे का सहारा ले रहे हैं। दूध, सब्जी की सप्लाई भी रुक गई है। हरियाणा और अन्य स्थानों से आने वाली आवश्यक वस्तुएं अब दूर-दूर से लानी पड़ रही हैं। पेयजल योजना खराब होने के कारण लोग कैनियों और बाल्टियों में पानी ढोकर जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। प्रशासन स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन हालात सुधारने में वक्त लग सकता है।
समय : दोपहर दो बजे। दिन : शुक्रवार। मनाली-कुल्लू वामतट मार्ग पर अलेउ के समीप दो नेपाली सब्जियों से भरी बोरियां लेकर मनाली की ओर आ रहे थे। पूछा तो बोले- साहब... गाड़ियां अलेउ तक ही आ रही हैं। जो थोड़ी बहुत सब्जियां आ रही हैं, उन्हें उठाकर बाजार तक पहुंचना पड़ रहा है।
समय : शाम चार बजे। ओल्ड मनाली में पेयजल योजना को ठीक करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। पूछने पर कर्मचारी ने कहा, नुकसान बहुत ज्यादा हुआ है। सप्लाई शुरू होने में समय लगेगा। बाढ़ के बाद मनालसु नाला में पेयजल योजना ध्वस्त हो गई है। सब्जी विक्रेता आशीष ने कहा कि सब्जियों की सप्लाई नहीं आ रही है। अलेउ में थोड़ी सब्जियां पहुंची थीं। यह खत्म हो गई हैं। दूध आदि की सप्लाई बजी बंद है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी बंद हो गई है। जलशक्ति विभाग के सहायक अभियंता दीक्षांत शर्मा ने बताया कि पेयजल योजना को बहाल करने का कार्य जारी है। नुकसान ज्यादा होने के कारण इसमें समय लग रहा है।
टैंकर न होने से बढ़ी पानी की किल्लत
पर्यटन नगरी में लगभग एक सप्ताह से पानी की किल्लत चल रही है लेकिन अभी तक इसकी कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। लाहौल-स्पीति भवन में लगे जलशक्ति विभाग के मोटर पंप में कुछ अतिरिक्त नल लगाकर पानी भरने की सुविधा जुटाई गई है। बताया जा रहा है कि शहर में टैंकर न होने के कारण यह दिक्कत हो रही है। हालांकि, शुक्रवार देर शाम शनिवार से टैंकर लगाने की बात की जा रही है।
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