मनाली (कुल्लू)। ऊझी घाटी के बाहंग में दिव्यांगता पहचान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें आश बाल विकास केंद्र के कर्मियों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्थानीय महिलाओं को दिव्यांगता के लक्षणों की पहचान करने की जानकारी दी। सांफिया फाउंडेशन के कार्यक्रम प्रबंधक बीजू ने कहा कि फाउंडेशन के आश बाल विकास केंद्र की ओर से दिव्यांगता के क्षेत्र में जागरूकता लाने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
फाउंडेशन शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक कार्यक्रमों और उत्सवों में लोगों को जागरूक कर रहा है। फाउंडेशन की निदेशक डॉ. रेखा ठाकुर ने दिव्यांगता तथा थेरेपी सेवाओं की जानकारी दी। कहा कि फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी एवं स्पेशल एजुकेशन से दिव्यांगता को कम किया जा सकता है। इस दौरान विनोद आचार्य, धनेश्वरी ठाकुर, सन्नी, तान्या ठाकुर आदि उपस्थित रहे। संवाद