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Kullu News: बिखरते सपनों के बीच अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा लिंडूर गांव

Wed, 24 Sep 2025 11:24 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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केंद्र सरकार को भेजी 23 करोड़ की डीपीआर को मंजूरी दिलाने की उठाई मांग

अशोक राणा
केलांग (लाहौल-स्पीति)। घाटी का लिंडूर गांव प्रकृति के कहर से जूझ रहा है। लगातार हो रहे भूस्खलन ने इस छोटे से गांव की जमीन, खेत और मकानों को जकड़ रखा है और 14 परिवारों की जिंदगी खतरे में डाल दी है।
दरारें गहराती जा रही हैं, घरों की दीवारें टूट रही हैं और गांव के लोगों के लिए पलायन के अलावा कोई विकल्प बचता नहीं दिख रहा।
ग्रामीणों की पुकार अब नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर तक पहुंची है। उन्होंने केंद्र सरकार से 23 करोड़ रुपये की डीपीआर मंजूर करवाने का भरोसा दिलाया है। यह रकम लिंडूर के अस्तित्व की लड़ाई में शायद आखिरी उम्मीद बनकर उभरी है। यह कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि हिमाचल के उन कई इलाकों की है, जो प्रकृति की अनिश्चितता के बीच अपनी जिंदगियां बचाने की जद्दोजहद में हैं। लिंडूर गांव तीन-चार सालों से भूस्खलन की मार झेल रहा है। खेत-खलिहानों से लेकर मकानों तक गहरी दरारें आने से गांव का अस्तित्व संकट में है। ग्रामीणों के पलायन की नौबत आ गई है।
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वीरवार को नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने लिंडूर गांव का दौरा किया। ग्रामीणों ने उन्हें अपना दर्द बताया। उन्होंने कहा कि भूस्खलन रोकने के लिए जिला प्रशासन ने 23 करोड़ की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी है। इसकी स्वीकृति मिलना जरूरी है।
जयराम ने कहा कि लिंडूर गांव का अस्तित्व सचमुच खतरे में है। लगातार हो रहे भूस्खलन से लोग कहीं और बसने को मजबूर हो सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार से डीपीआर को स्वीकृति दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
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इससे पहले नेता प्रतिपक्ष ने भूस्खलन प्रभावित हालिंग गांव का भी दौरा किया। ग्रामीणों ने बताया कि चंद्रभागा नदी का तेज बहाव अब तक करीब 200 बीघा उपजाऊ भूमि को बहा ले गया है। पूर्व विधायक रवि ठाकुर ने भी बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को जयराम ठाकुर के समक्ष प्रमुखता से उठाया।
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