कुल्लू। अंतरराष्ट्रीय दशहरा कमेटी की ओर से शनिवार शाम अटल सदन में नाट्य प्रस्तुतियों का आगाज हुआ। पहले दिन सामाजिक कुरीतियों और भ्रष्टाचार पर आधारित दो नाटकों का मंचन किया गया। कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय के माध्यम से समाज की विसंगतियों और नैतिक पतन को उजागर किया।
पहली प्रस्तुति नाट्यश्रेष्ठ नाट्य ग्रुप ने राजकीय महाविद्यालय कुल्लू के विद्यार्थियों के साथ दी। रेवत राम विक्की के निर्देशन में मंचित नाटक में हेसण जैसी परंपरा को अपने कुकर्मों से बदनाम करने वाले लोगों के दोहरे चरित्र को दर्शाया गया। कलाकारों ने अभिनय के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया।
दूसरी प्रस्तुति रंग सभा समूह ने प्रसिद्ध नाटककार हरीश धवन के हास्य-व्यंग्य नाटक यमदूत का जांच प्रतिवेदन की दी। परमानंद के निर्देशन में मंचित इस नाटक में पृथ्वी पर व्याप्त भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और नैतिक पतन को हास्य-व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। हिमाचली लोकगीतों, आंचलिक संगीत और पारंपरिक वेशभूषा ने प्रस्तुति को खास बनाया। दोनों नाटकों में कलाकारों के अभिनय को दर्शकों की सराहना मिली। संवाद