कुल्लू। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में लेप्रोस्कोपी मशीन एक माह से खराब पड़ी हुई है। इसके चलते अस्पताल में 20 से अधिक मरीजों के ऑपरेशन लटके हुए हैं। मरीजों को भी इससे ऑपरेशन की लंबी-लंबी तिथियां मिल रही हैं। इससे मरीजों के साथ उनके तीमारदारों की भी परेशानी बढ़ रही हैं। ऐसा नहीं है कि अस्पताल में सर्जन डॉक्टर तैनात नहीं है।
अस्पताल में दो सर्जरी विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन मशीन खराब होने के कारण मरीजों के ऑपरेशन नहीं किए जा रहे हैं। विगत दिनों हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में भी यह मामला प्रमुखता से उठाया गया। इस पर मशीन के खराब पुर्जे जल्द ठीक करने का फैसला लिया गया। मशीन कब तक ठीक हो पाएगी, यह कह पाना अभी मुश्किल है। लिहाजा कई मरीजों को क्षेत्रीय अस्पताल छोड़कर निजी अस्पताल का रुख करना पड़ रहा है। मरीजों को ऑपरेशन के लिए बजट से अधिक का खर्च उठाना पड़ रहा है। अस्पताल में लेप्रोस्कोपी मशीन लंबे समय से खराब चल रही है। इसकी वजह से बीमारी का समय पर उपचार नहीं करवा पा रहे हैं। कई लोग निजी अस्पतालों में ऑपरेशन का खर्चा उठाने में भी सक्षम नहीं है। मशीन ठीक होने के इंतजार में उनकी बीमारी और ज्यादा न बढ़ जाए, इस बात का मरीजों को डर सताने लगा है। शहरवासी मनोज कुमार, सुनील, रमेश, अतुल, सुभाष, वेदराम ने कहा कि लेप्रोस्कोपी मशीन खराब रहने से मरीजों की दिक्कतें बढ़ी हैं। मरीज बीमारी के उपचार के लिए निजी अस्पतालों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। रोगी कल्याण समिति की बैठक में जब यह मामला उछला, तो उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने भी इस मशीन को तुरंत ठीक करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेश ने कहा कि मरीजों को अस्पताल में सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। लेप्रोस्कोपी मशीन को दुरुस्त करने में दो-तीन दिनों का समय लगेगा।