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अस्थिर मलबे पर बसा है लाहौल की लिंडूर गांव : उपायुक्त

Wed, 14 May 2025 10:54 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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मौसम विभाग को लिंडूर में वर्षा मापक यंत्र लगाने के लिए किया पत्राचार
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लिंडूर गांव के पास हुए भूस्खलन के बाद हरकत में जिला प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल स्पीति)। पांच सालों से धंस रहे लिंडूर गांव को लेकर उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने कहा है कि गांव अस्थिर मलबे पर बसा हुआ है। इसका खुलासा आईआईटी मंडी और एनएचपीसी और भारत सरकार के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण से हुआ है। इसके चलते त्वरित पुनर्वास व संरचनात्मक उपायों की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा है कि इस बीच लोक निर्माण विभाग द्वारा गांव में दरारों को जलरोधी सामग्री से भरने का कार्य आरंभ कर दिया गया है।
इसके लिए एक निगरानी समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन की ओर से गोहरमा में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय, पंचायत भवन और महिला मंडल भवन को राहत शिविरों के रूप चिन्हित किया गया। यहां पर भोजन, पानी, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि इससे पहले पांच सालों से प्रभावित हो रहे परिवारों को राहत प्रदान करते हुए आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 12 मकानों को एक लाख रुपये प्रति परिवार तथा एक पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकान को 4.3 लाख रुपये की पहली किस्त प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त, क्षतिग्रस्त 5 गोशालाओं को 50,000 प्रति परिवार तथा 8 किसानों को 89,000 की फसल क्षति सहायता राशि दी है।
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वहीं खतरे को कम करने के लिए लंबी अवधि के समाधान को देखते हुए ग्लेशियर से होने वाले जल निकास की निगरानी रखने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा मौसम विज्ञान विभाग को लिंडूर क्षेत्र में वर्षा मापक यंत्र स्थापित करने के लिए पत्राचार किया गया है। इसके अलावा यहां का विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन करवाने के लिए राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ एजेंसियों की सहायता के लिए हिमकोस्टे और राजस्व विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
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