कोर्ट के आदेश के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू, जल्द शुरू होगा नसबंदी का काम
लावारिस कुत्तों की जन्म संख्या नियंत्रित करने की दिशा में किए जा रहे हैं प्रयास
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। नगर परिषद कुल्लू ने शहर में लावारिस कुत्तों की समस्या को लेकर हरकत में आना शुरू कर दिया है। नगर परिषद ने लावारिस कुत्तों की जन्म संख्या पर नियंत्रण करने के लिए कुत्तों की नसबंदी करने की योजना बनाई है।
दो सौ कुत्तों की नसबंदी के लिए टेंडर लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दो वर्ष पहले भी नगर परिषद ने दो सौ कुत्तों की नसबंदी एक संस्था के जरिये की थी लेकिन अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद फिर से नगर परिषद ने लावारिस कुत्तों की जन्म संख्या नियंत्रित करने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
नगर परिषद ने शहर के अंतर्गत आने वाले 200 कुत्तों की नसबंदी करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक नगर परिषद के पास शहर की गलियों में लावारिस कुत्तों की संख्या को लेकर कोई पुख्ता आंकड़ा नहीं है लेकिन दो सौ कुत्तों की नसबंदी करने से काफी हद तक इनकी जन्म संख्या का नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी।
नगर परिषद क्षेत्र में लावारिस कुत्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। ये लोगों पर जानलेवा हमला कर रहे हैं। इसको देखते हुए हाईकोर्ट ने भी प्रदेश के नगर निकायों और सार्वजनिक स्थानों से लावारिस कुत्तों को 8 हफ्ते के भीतर हटाने के निर्देश दिए हैं। लिहाजा, लोगों की सुरक्षा के साथ लावारिस कुत्तों की सुरक्षा को लेकर कोर्ट का यह अहम फैसला आया है। इसे देखते हुए नगर परिषद के साथ जिला प्रशासन भी हरकत में आया है और अब लोगों को लावारिस कुत्तों की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
उधर, नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने बताया कि शहर के लावारिस कुत्तों की जन्म संख्या का नियंत्रित करने को लेकर नगर परिषद ने 200 कुत्तों की नसबंदी करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी औपचारिकता पूरी होने पर इसका कार्य शुरू कर दिया जाएगा।