कुल्लू और मंडी जिला के सीमा पर ज्वालापुर के समीप हुए बस हादसे का कारण बस में तकनीकी खराबी आना माना जा रहा है। बस में सवार घायल यात्रियों के अनुसार हादसे से पहले कुछ टूटने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद एकदम बस खाई में जा गिरी। हालांकि हादसे के सही कारणों का पता मेकेनिकल जांच रिपोर्ट से पता चलेगा। यात्रियों से खचाखच भरी बस में सुबह ही महिलाएं, बच्चे, युवा व पुरुष पढ़ाई और दैनिक कार्य के लिए निकले थे, लेकिन बीच सफर में बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घायल और पनारसा कॉलेज में पढ़ने वाले युवा रमेश और सुनील ने बताया कि हादसे से पहले कुछ लोहा टूटने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद बस मोड़ पर मुड़ी नहीं और दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
वहीं, नेत्र ने बताया कि बस में एकाएक ही गड़गड़ाहट हुई और बस अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी। मंडी जिला प्रशासन से सूचना मिलते ही कुल्लू प्रशासन चौकस हो गया। कुल्लू प्रशासन ने हादसे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया। पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को इंतजाम के निर्देश दिए गए। विभाग ने आसपास की सभी एंबुलेंस मौके पर भिजवाईं। हादसे में हुए घायलों में महिला, बच्चों समेत करीब 69 लोग शामिल हैं। शुरूआत में क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में करीब 25 मरीजों को दाखिल किया गया, लेकिन धीरे-धीरे इनकी संख्या में इजाफा हुआ। इधर, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुशील शर्मा ने बताया कि आसपास की सभी एंबुलेंसों को मौके पर भिजवाया गया है। मरीजों को त्वरित उपचार दिया गया। सभी मरीजों की हालत खतरे से बाहर है।
वहीं, एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिससे कोई दिक्कत पेश न आए। नियमानुसार फौरी राहत राशि भी प्रदान की गई है। ज्वालापुर बस हादसे में एक साथ अधिक मरीज पहुंचने के कारण कई दिक्कतें भी पेश आईं। ट्रामा सेंटर में मरीजों को जमीन पर ही लेटा कर इलाज करना पड़ा। हालांकि बाद में मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया गया। हादसे की सूचना मिलने पर डीसी कुल्लू हंसराज चौहान, एडीसी कुल्लू विनय सिंह राठौर समेत अन्य अधिकारियों ने मरीजों का हाल-चाल जाना और जायजा लिया। घायलों के कुल्लू पहुंचने के बाद एसडीएम कुल्लू रोहित राठौर अस्पताल में ही मौजूद रहे। वे घायलों को मिल रहे उपचार और स्थिति को लेकर फीडबैक लेते रहे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ सुशील शर्मा व एमएस डॉ केएस मल्होत्रा ने भी सभी वार्डों में जाकर जायजा लिया।