केलांग (लाहौल-स्पीति)। लाहौल-स्पीति जिला परिषद (जिप) के चुनाव परिणाम आने के बाद जिले की राजनीति में नए समीकरण उभरकर सामने आए हैं। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से अब लाहौल-स्पीति विकास मंच के संयोजक एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा किंगमेकर की भूमिका में नजर आ रहे हैं। जिप की 10 में से नौ सीटों पर चुनाव हुए थे। एक सीट पर चुनाव का बहिष्कार हुआ है। ऐसे में जिला परिषद में सत्ता हासिल करने के लिए पांच सदस्यों का समर्थन जरूरी है।
चुनाव परिणाम में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने चार सीटें जीती हैं। भाजपा समर्थित तीन उम्मीदवार जीते हैं। लाहौल-स्पीति विकास मंच समर्थित दो प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
मौजूदा राजनीतिक स्थिति में विकास मंच का समर्थन किसी भी दल के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जिला परिषद में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर अब विकास मंच की भूमिका सबसे अहम होगी। माना जा रहा है कि विकास मंच के समर्थन से ही जिला परिषद में सत्ता का समीकरण तय होगा।
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शशि किरण का अध्यक्ष बनना लगभग तय
लाहौल-स्पीति जिला परिषद का अध्यक्ष पद महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। कांग्रेस समर्थित शशि किरण ने चुनाव जीता है। शशि किरण पहले भी दो बार जिला परिषद सदस्य चुनी जा चुकी हैं और एक बार जिला परिषद उपाध्यक्ष का दायित्व भी संभाल चुकी हैं। इस बार तीसरी बार चुनाव जीतने के बाद उनका अनुभव और राजनीतिक पकड़ उन्हें अध्यक्ष पद की दौड़ में सबसे आगे खड़ा कर रही है। यदि कांग्रेस बहुमत का आंकड़ा जुटाने में सफल रहती है तो शशि किरण का जिला परिषद अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है। संवाद