कुल्लू। जिला कुल्लू के बाह्य सराज की रघुपुर घाटी के आराध्य देव खुडीजल के सम्मान में बीस आषाढ़ मेला शुरू हो गया है। तीन दिनों तक चलने वाले मेले में बुधवार को देवता खुडीजल देवालय के बाहर निकले और सौह की परिक्रमा की। मेले में देव संस्कृति के दर्शन के साथ नाटी का भी आयोजन होगा। देवता खुडीजल का देव नृत्य को देखने और दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से पहुंचे थे।
दोपहर बाद करीब 3:00 बजे के बाद देवता खुडीजल का रथ मंदिर से बाहर निकला। ढोल, नगाड़ों, नरसिंगों, करनाल और शहनाई की स्वरलहरियों के बीच जैसे देवता बाहर आए तो लोगों उनके आगे नतमस्तक हो गए। मेले में जहां कुल्लू जिला की चार पंचायतों के लोग इसमें भाग लेते हैं, वहीं सीमांत लगते मंडी की तीन पंचायतों के लोग भी इसमें शामिल होते हैं।
देवता के कारदार शेर सिंह, पुरोहित शिव राज शर्मा, पुजारी रूप लाल शर्मा व मंजू शर्मा ने कहा कि देवता का बीस आषाढ़ मेला एक पारंपरिक उत्सव है। इसको हर साल मनाया जाता है और देवता खुडीजल मेले की परंपरा को निर्वहन करते हैं। इस दौरान मेले में जुटे देहुरी, कमांद, कोट, बालू, कलारला, बिहनी, झरेड़, फनौटी, बनाला, जुहड़, करशाला, सुहल, कुठेड़, कुआ, शुआरी, बगडाथाच, जयबाग, कोलथा, चवेल, छलाच व कांडीबाग के लोगों ने खुडीजल से बारिश की भी गुहार लगाई है।
कारदार शेर सिंह ने कहा कि सूखा पड़ने से किसान-बागवान परेशान है और उन्होंने देवता के बारिश करने की फरियाद की है। कहा कि मेले में लोग दूर-दूर से पूछ डालने के लिए भी आते हैं।