संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। गड़सा घाटी के शिलागढ़ में बादल फटने के बाद आई बाढ़ से इलाके में भारी तबाही हुई है। पारली पंचायत के गांव मनिहार को जोड़ने वाली सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा बह गया है। कई जगह तो सड़क का नामोनिशान ही मिट गया है।
एनएचपीसी ने रविवार को अपनी मशीनरी तैनात कर नए सिरे से सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। सड़क पर नए डंगे भी लगाए जाएंगे। सड़क तहस-नहस होने से दुर्गम गांव मनिहार का गड़सा घाटी के साथ जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है। हुरला नाले में आई बाढ़ की चपेट में आने से कई लोगों की उपजाऊ जमीन बह गई है। खरीफ की फसल को नुकसान पहुंचा है।
मनिहार और उडसू गांव में दो दिन से बिजली नहीं है। बिजली का ट्रांसफार्मर और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं, जबकि ठेला, नजां, अपर नजां और आईशा समेत आठ गांवों को ठेला से दूसरी लाइन से बिजली दी गई है। बताया जा रहा है कि इन गांवों का बिजली ट्रांसफार्मर भी बाढ़ की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया है। स्थानीय पंचायत प्रधान राज मल्होत्रा ने कहा कि मनिहार गांव की सड़क पर बस सेवा ठप हो गई है। कई जगह से सड़क बह गई है। पैदल सफर करना भी खतरनाक हो गया है। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कुल्लू प्रशांत सरकैक ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित गड़सा घाटी के गांवों के लिए संबंधित विभागों को मूलभूत सुविधा जल्द मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं।