ऊझी घाटी के सरसेई में तीन दिवसीय जवाड़ी मेला मनाया जा रहा है। मेले में वासुकीनाग देवता से आगामी देव कार्यक्रम पूछे जा रहे हैं। मेले में करीब एक दर्जन देवी-देवताओं ने भाग लिया। यह मेला क्षेत्र के आठ गांवों द्वारा सामूहिक रूप से मनाया जा रहा है।
मेले में देऊली कार्यक्रम मुख्य आकर्षण का केंद्र चल रहा है। शनिवार से शुरू हुए इस मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।
मेला कमेटी तथा ग्राम पंचायत हलाण-1 के प्रधान फतेह चंद और उपप्रधान अनिल ठाकुर ने कहा कि मेले के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम में एसवीएम सरसेई, मिडल स्कूल सरसेई, महिला मंडल भोष और स्थानीय कलाकारों ने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
महिला मंडल भाड़का के महिला मंडल ने कुल्लवी नाटी पेश कर दर्शकों का मन मोहा। वहीं एसवीएम की छात्राओं ने क्लासिकल डांस पेश कर खूब वाहवाही लूटी। पहले सांस्कृतिक कार्यक्रम में पूर्व विधायक चंद्रसेन ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
भाड़का की माता खंडासन के कारदार जीत राम ने बताया कि मेले के पहले दिन नग्गर के शेषनाग, हलाण-1 के वासुकीनाग, भोष के वीरनाथ, भाडका गांव की माता खंडासन, बटाहर के पीऊली नाग, हरिपुर की माता नीलासुरी, भनारा के तक्षकनाग विराजमान हुए हैं। उन्होंने बताया कि सभी देवी-देवता के कारकून वासुकीनाग से अपने-अपने हारियान क्षेत्र में धार्मिक कार्यक्रम करने के लिए देवपूछ डाल रहे हैं।