उपायुक्त बोलीं- जांचे जाएंगे चेतावनी देने के लिए लगाए गए संकेतक और हूटर
डीसी ने एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ की बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पार्वती घाटी में पिछले दिनों डैम से बिना सूचना दिए पानी छोड़ने के मामले में शनिवार को एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ उपायुक्त की बैठक हुई। उपायुक्त तोरुल एस रवीश ने नदी के साथ बने कैफेटेरिया से होकर जाने वाले रास्ते बंद करने के निर्देश दिए, जिससे सैलानी नदी-नालों में न जा सकें।
उन्होंने परियोजना से अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से जल शक्ति विभाग के बाढ़ सुरक्षा कार्य को हुए नुकसान के बारे में जानकारी ली। कहा कि पानी छोड़ने से जल शक्ति विभाग के बाढ़ सुरक्षा कार्य को नुकसान हुआ था। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि एनएचपीसी के अधिकारियों के साथ जल शक्ति, लोक निर्माण विभाग सहित उप मंडल अधिकारी मौके पर जाकर इस कार्य का संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट दें। उन्होंने परियोजना प्रबंधन की ओर से पानी छोड़े जाने से पहले चेतावनी देने के लिए लगाए गए संकेतक, हूटर और अन्य सूचना एवं संचार प्रबंधन को भी जांचने को कहा।
बैठक में परियोजना अधिकारियों ने कहा कि परियोजना बांध से लेकर मणिकर्ण, जरी, ढूंखरा आदि स्थानों तक कुल 16 स्थानों पर हूटर और वॉयस मैसेज सूचना संचार प्रणाली स्थापित की गई है, जिससे पानी छोड़ने से पहले आमजन को चेतावनी दी जा सके। इस मौके पर एनएचपीसी चरण दो के महाप्रबंधक, जिला राजस्व अधिकारी गणेश लाल, जल शक्ति विभाग तथा लोक निर्माण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।