शिमला। उद्योग विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के एमएसएमई प्रदर्शन संवर्धन एवं तीव्रीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला ऊना के बंगाणा और जिला कुल्लू के नग्गर में एक-दिवसीय जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों, विशेषकर महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को विपणन, डिजिटल सक्षमता, ब्रांड निर्माण तथा सरकारी खरीद व्यवस्था से जोड़कर उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करना था।
दोनों कार्यशालाओं में 60 से 70 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्रों के दौरान प्रतिभागियों को ऑनलाइन उपस्थिति सुदृढ़ करने, ग्राहकों से जुड़ाव बढ़ाने, सामग्री आधारित प्रचार-प्रसार तथा सामाजिक माध्यमों के प्रभावी उपयोग के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर कुटीर एवं लघु उद्योग अपने उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचा सकते हैं।
सरकारी खरीद मंचों पर आयोजित विशेष सत्रों में विक्रेता पंजीकरण, उत्पाद सूची प्रबंधन, निविदा प्रक्रिया और सरकारी खरीद के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को सरकारी आदेश प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं और व्यवहारिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया।