इतिहास की खामियों और अस्पष्टता को दूर करने का रहेगा प्रयास
ढालपुर में इतिहास संकलन समिति का हुआ प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचली इतिहास, संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन मेंं इतिहास संकलन समिति पिछले 30 सालों से कार्यरत है। समिति जल्द एक वार्षिक पत्रिका भी आरंभ करेगी, जिसमें हिमाचल के इतिहास से संबंधित जानकारियां उस पुस्तक में प्रकाशित की जाएंगी। यह बात अखिल भारतीय इतिहास संकलन समिति के प्रांत अध्यक्ष डॉ. सूरत ठाकुर ने कही। समिति का प्रांत स्तरीय इतिहास दिवस अटल सदन कुल्लू में मनाया। इसमें हिमाचल के इतिहास पर विशेष चर्चा की गई।
अध्यक्ष डॉ. सूरत ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों की मूलभूत जानकारी एकत्र की जाएगी और उनका प्रकाशन भी वार्षिक पत्रिका में किया जाएगा, ताकि शोधकर्ताओं के लिए आने वाले समय में आसानी हो। इसके माध्यम से आधारभूत सामग्री साझा की जाएगी। भारत का जो इतिहास गलत रूप से लिखा गया है, उसकी त्रुटियों को भी ठीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं। देश के लिए बहुत से वीरों ने अपना बलिदान दिया है। ऐसे में सनातन संस्कृति और प्राचीन गौरवशाली इतिहास को आगे लाने का कार्य संकलन समिति कर रही है।
वहीं, नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत भारत के इतिहास को आगे लाने में संकलन समिति का सबसे बड़ा योगदान है और भारत का सही इतिहास सभी के सामने नई शिक्षा नीति के तहत शामिल किया जाएगा। इस दौरान राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालम कुंद पांडे, उच्चतर शिक्षा विभाग में संयुक्त निदेशक रहे डॉ. नंद लाल शर्मा, हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार सोनी उपस्थित रहे।