जिला कुल्लू में काफी असरे से बारिश नहीं होने के कारण रबी फसल की बिजाई अटकी हुई है। वहीं लहसुन की फसल भी खेतों में ही पीली पड़ने लगी है। सूखे के कारण पेयजल स्कीमें भी अब प्रभावित होने लगी हैं। जिला कुल्लू में करीब 90 से अधिक पेयजल स्कीमें प्रभावित हो गईं हैं। जिसका असर जिला के ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी पड़ने लगा है। योजनाओं के मुख्य स्रोतों के सूखने से जिला कुल्लू के नग्गर, खराहल, बंजार, मणिकर्ण, बठाहड़, तीन कोठी के अलावा बाह्य सराज में इसका अधिक असर पड़ा है। करीब चार माह के लंबे सूखे से घाटी में पेयजल योजनाओं के मुख्यस्रोत में पानी सूख गया है और लोगों को पीने के पानी के लिए समस्याएं झेलनी पड़ रही है। वहीं ग्रामीणों पर सूखे की दोहरी मार पड़ गई है। जहां खेत-खलियानों और बाग-बगीचों का काम सूखे से रुक सा गया है, तो वहीं गांव व शहरों के पेयजल नलों में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। बीते दिन जिला मुख्यालय के कई इलाकों में पानी की सप्लाई बंद रही।
ग्रामीण इलाकों के लोग मीलों दूूर बह रहे नदी-नालों से ही पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीण तेज राम, निका राम, संगत राम, राजेश, जमित्रा देवी, हंस राज, बालक, गुमत राम, आलम चंद, मोहर सिंह तथा राजू के अनुसार खराहल घाटी को जोड़ी गई पेयजल स्कीमों ने जवाब दे दिया है और उन्हें समय के अनुसार ही पानी मुहैया नहीं हो रहा है। उधर, बंजार इलाके की तीर्थन तथा तीन कोठी के लोग भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। बंजार कस्बे के कई वार्डों में भी पेयजल की समस्या आ रही है। नग्गर में डेढ़ माह से स्कीम से पानी नहीं आ रहा है। उधर, आईपीएच कुल्लू के सहायक अभियंता कुल्लू सेस राम आजाद ने कहा कि सूखे से ऊंचाई वाले इलाकों से जोड़ी गई पेयजल स्कीमों के मुख्यस्रोत में पानी सूख गया है और इसका असर पेयजल की सप्लाई में पड़ा है। बारिश या बर्फबारी होने से स्थित सामान्य हो जाएगी। जिला कुल्लू में आईपीएच महकमे की करीब 550 पेयजल स्कीमें संचालित हैं। जिसमें 90 से अधिक स्कीमें भारी सूखे की चपेट में आ गई हैं। कुल्लू डिविजन में ही विभाग के 200 से अधिक योजनाएं हैं और इसमें 30 के आसपास योजनाओं में पानी सूख गया है। इसमें जिला मुख्यालय की खराहल घाटी में ही करीब 15 स्कीमें शामिल हैं।