सरकार ने इस साल तीन लाख कर दी है लाइसेंस के नवीनीकरण की फीस
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प्रदेश में नई आबकारी नीति में बार लाइसेंस फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी की गई है । यह बढ़ोतरी पिछले साल की अपेक्षा 140 प्रतिशत अधिक है। सवा लाख से बार फीस तीन लाख रुपये करने से बार संचालक सकते में हैं। इसके अलावा वेट भी बार मालिकों को अलग से देना पड़ता है। इसके विरोध में बार मालिकों ने लाइसेंस का नवीनीकरण न करवाने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिनेश पटियाल ने बताया कि बिलासपुर में मुख्यमंत्री से मिलकर फीस बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। लाइसेंस धारकों ने सरकार की इस नई नीति के विरोध में अपने लाइसेंस जमा करवाने का निर्णय लिया है।
बार एसोसिएशन के सदस्य प्रेम, सुरेंद्र सिंह, करनैल, कश्मीर सिंह, शमशेर सिंह के अनुसार कुछ लाइसेंस धारकों ने विभिन्न जिलों में आबकारी व कराधान के उच्च अधिकारियों के समक्ष लाइसेंस जमा करवाते हुए नवीनीकरण फीस व सिक्योरिटी राशि को रिफंड के लिए आवेदन कर दिया है। फीस में इतनी वृद्धि के चलते बार मालिकों का कारोबार करना मुश्किल हो गया है और बार मालिकों का कारोबार करना मुश्किल हो गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2011 में बार की लाइसेंस फीस 35,000, वर्ष 2012 में 40,000, वर्ष 2013 में 55,000, वर्ष 2014 में 64,000, वर्ष 2015 में 1.25 लाख और 2016 में अब तीन लाख कर दिया गया है। एसोसिएशन ने सरकार से इस निर्णय के बारे में समीक्षा करने का आग्रह किया है।