मौसम में परिवर्तन आने के कारण वायरल की चपेट में आ रहे बच्चे
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू ओपीडी में रोजाना आ रहे 100 से 120 पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। अगर आप सर्दी-जुकाम की चपेट में हैं तो बच्चों और नवजात शिशुओं से दूरी बनाकर रखें। जितना संभव हो सकें, मास्क का प्रयोग करें। इससे बच्चे और शिशु वायरल की चपेट में नहीं आएंगे।
कुल्लू में मौसम के परिवर्तन के कारण इन दिनों बच्चे वायरल की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के मातृ-शिशु खंड की ओपीडी में भी उपचार के लिए लाइनें लग रही हैं। अस्पताल में रोजाना ओपीडी में 100 से 120 के बीच मरीज आ रहे हैं लेकिन 60 से अधिक बच्चे वायरल फीवर वाले ही हैं। इनमें सर्दी-जुकाम, बुखार और खांसी के लक्षण पाए जा रहे हैं। इन्हें परिजन उपचार करवाने के लिए अस्पताल ला रहे हैं। नवजात शिशुओं और बच्चों के वायरल की चपेट में आने से परिजनों की परेशानी बढ़ गई है।
गौरतलब है कि दशहरा के बीच में तीन-चार दिन लगातार बारिश होने मौसम में परिवर्तन देखने को मिला है। बदलते मौसम के कारण बड़ों के साथ बच्चे भी वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। ऐसे में बच्चे वायरल की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। यही कारण है कि अस्पताल में उपचार के लिए लाइनें लग रही हैं। उधर शिशु, रोग विशेषज्ञ डॉ. तेजिंन मंटूक ने कहा कि बच्चों को आंखों में जलन, सिरदर्द, बदन दर्द, जुकाम-खांसी और उल्टी हो तो वायरल फीवर हो सकता है। लक्षण दिखने पर बच्चे और शिशु को उपचार के लिए लाए। उधर, क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ताराचंद ने कहा कि मौसम परिवर्तन की वजह से वायरल फीवर की चपेट में आने का खतरा रहता है। उन्होंने कहा कि लोग मास्क का प्रयोग करें। खासकर वायरल के मरीज बच्चों से दूर रहें।
बच्चे को नियमित अंतराल में पिलाएं पानी
बच्चे में पानी की कमी न होने दें। उसे नियमित अंतराल में पानी पिलाते रहेें। बच्चों को गर्म पानी ही पिलाएं। वह घर के आंगन में नंगे पैर न घूमें। परिजन जितना संभव हो सके बच्चे को पोषण युक्त भोजन दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें, बच्चे के हाथों को अच्छे से धोएं। अगर बच्चा वायरल की चपेट में है तो उसे चिकित्सक की ओर से दी गई दवा का सेवन समय पर करवाएं और दवा को बीच में न छोड़ें।