कुल्लू। जिला कुल्लू में पुलिस हर साल भांग की खेती को नष्ट करती है। बावजूद इसके जिले में चरस की खेप बरामद की जा रही है। इस साल भी पुलिस ने संबंधित इलाकों में जाकर भांग की खेती को नष्ट किया है।
पुलिस और नारकोटिक्स दो दशक से जिले में भांग उखाड़ो अभियान चला रही है। इस पर करोड़ों की राशि खर्च की गई है, मगर जिले में चरस की तस्करी के मामलों में कमी नहीं आई है, बल्कि साल दर साल एनडीपीएस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। उधर, भुंतर के हुरला में पकड़े गए दोनों युवकों को पुलिस ने कुल्लू की अदालत में पेश किया, यहां से उन्हें चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अभी तक की पूछताछ में चरस के साथ पकड़े तस्करों ने कहा कि चरस उन्होंने खुद तैयार की थी और इसे मनाली पहुंचाया जा रहा है। अब पुलिस ने दोनों की कॉल डिटेल को भी खंगाल रही है।
भुंतर पुलिस की ओर से नाके पर पकड़ी गई नौ किलो 70 ग्राम चरस की इस साल की सबसे बड़ी खेप है। चरस की खेप बरामद करने से कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। सवाल उठता है कि पुलिस ने भांग की खेती को नष्ट किया था तो यह चरस कहां से आई। पुलिस हर साल सैकड़ों बीघा खेती से भांग की पौध को नष्ट करने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलता है। फिर भी पुलिस हर दूसरे और तीसरे दिन जिले में चरस बरामद करती है। एसपी डा. कार्तिकेयन ने कहा कि चरस तस्करों की बैंक डिटेल को भी चैक किया जाएगा। कहीं उन्होंने नशे की तस्करी से मोटी कमाई तो नहीं की है।