भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर के बीच पूर्व सैनिक बोले - हथियार छोड़े, चलाना नहीं भूले
लाहौल घाटी के पूर्व सैनिक बोले- देश के लिए मर मिटना एक सच्चे फौजी की ड्यूटी
बोले- आतंकवाद के खात्मे का सही समय, खबरों से ले रहे हैं पल-पल की जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। भारत-पाकिस्तान के बीच भले ही युद्ध विराम हो गया है, लेकिन लाहौल घाटी के पूर्व सैनिक दोबारा हथियार थामने के लिए तैयार हैं। पूर्व सैनिकों ने कहा कि दोबारा युद्ध जैसे हालात बने तो वे बॉर्डर पर जाकर लड़ने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने हथियार छोड़े हैं, लेकिन चलाना नहीं भूले हैं। सरकार आदेश करे, देश की रक्षा करने के लिए सीमाओं पर पहुंच जाएंगे। शनिवार शाम को भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने से पहले दिन भर पूर्व सैनिक न्यूज चैनलों के माध्यम से पल-पल की खबरों का अपडेट लेते रहे। भारतीय सेना में कई सालों तक सेवाएं देने के बाद सेवानिवृत्त हुए सैनिक ताजा हालात पर सेना के साथ खड़े हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि मौजूदा हालात में वे एक बार फिर बॉर्डर पर जाकर दुश्मन से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार आदेश करे, वे दुश्मन के दांत खट्टे करने देश की सीमा पर पहुंच जाएंगे।
भले ही पाकिस्तान के साथ युद्ध विराम हो गया है, लेकिन अगर दोबारा युद्ध हुआ तो आदेश मिलते ही बॉर्डर पर जाने के लिए तैयार हैं। जरूरत के समय देश के लिए मर मिटना एक सच्चे फौजी की ड्यूटी है। - सेम बौद्ध, पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष
अभी तक भारत ने रक्षात्मक रणनीति से युद्ध लड़ा। सीजफायर के बाद भी पाकिस्तान ने कोई हिमाकत की तो दुश्मन को छोड़ा नहीं जाएगा। जरूरत पड़ी तो युद्ध के मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। देश की रक्षा करना एक फौजी का कर्तव्य है। - उरज्ञान, पूर्व सैनिक
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आतंकवाद के खिलाफ देश एकजुट है। भारत ने केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया है। पाकिस्तान ने कायरों की तरह नागरिक ठिकानों पर हमला किया। युद्ध विराम के बाद भी ऐसी हरकत की तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। - प्रेम ठाकुर, सेवानिवृत्त कैप्टन