पेंशनरों की सरकार को चेतावनी - सुनवाई नहीं की तो करेंगे न्यायालय का रुख
हिमाचल पेंशनर्स महासंघ खंड कुल्लू की मासिक बैठक में समस्याओं पर चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। हिमाचल पेंशनर्स महासंघ खंड कुल्लू की मासिक बैठक शनिवार को प्रधान जेएस शर्मा की अध्यक्षता में शीतला माता मंदिर में हुई। इसमें प्रदेश, जिला और खंड स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वप्रथम दिवंगत सीता राम कपूर लोरन सहित हाल ही में दिवंगत पेंशनरों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इसके उपरांत पेंशनरों की समस्याओं पर चर्चा की गई। लंबित मांगों को जल्द पूरा न करने पर संघर्ष का बिगुल फूंकने का एलान किया गया।
कमेटी ने सरकार पर पेंशनरों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। प्रदेश महासचिव टीडी ठाकुर ने कहा कि इसी महीने के अंत में होने वाली पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति की राज्य स्तरीय बैठक में आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पेंशनरों को गुमराह कर रहे हैं।
बैठक में कई प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति (जेसीसी) का शीघ्र गठन, करुणामूलक नीति रद्द करने का निर्णय वापस लेने, पटवारी एवं कानूनगो की पुनर्नियुक्ति संबंधी निर्णय बहाल करने की मांग की गई। अन्यथा न्यायालय का रुख करने की चेतावनी दी। एचआरटीसी पेंशनरों की पेंशन का स्थायी समाधान निकालने, उपायुक्त से जिला महासंघ की बैठक आयोजित करने और पेंशनरों के लंबित मामलों को शीघ्र मंत्रिमंडल में रखने की मांग की। पशुपालन विभाग से लावारिस पशुओं की समस्या पर बैठक करने, जल शक्ति विभाग से पुराने दरों पर पानी के बिल जारी करने, लोक निर्माण विभाग से जिले में बंद सड़कों को शीघ्र खोलने और शीतला माता-लोरन सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर जारी करने का आग्रह किया।
बैठक में प्रदेश महासंघ के महासचिव टीडी ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष पूर्ण देव शर्मा, संगठन सचिव हेमा शर्मा, प्रचार सचिव कैलाश शर्मा, रूप चंद ठाकुर, एमके गुप्ता, सुदर्शन, जगरनाथ शर्मा, कांता राणा, मीरा देवी, इंदिरा, जयगोपाल शर्मा, रामसरन शास्त्री, जिला लाहौल-स्पीति से देवी सिंह ठाकुर, कमला नेगी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।