दालंग में स्थापित आईबैक्स की मूर्ति खींच रही सबका ध्यान
आने-जाने वाले वाहन चालक इसे सजीव समझकर लगा रहे ब्रेक
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। लाहौल स्थित दालंग मोड़ के समीप सड़क के किनारे खड़ी आईबैक्स की मूर्ति सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मूर्ति को देखकर यह प्रतीत होता है यह सजीव आईबैक्स है। यहां से गुजरने वाले हर वाहन चालक आईबैक्स की इस मूर्ति को करीब से देखने के लिए ब्रैक लगाने के साथ इसे अपने कैमरे में कैद करने से रोक नहीं रहे हैं। ऐसे में चालकों से अपील है कि मूर्ति को देखकर हड़बड़ाहट से गाड़ी में ब्रैक न लगाएं। यह आपकी जान के लिए घातक हो सकता है या फिर आप चोटिल भी हो सकते हैं।
जी हां यह कोई सजीव प्राणी नहीं है। बल्कि आईबैक्स की यह मूर्ति हुबहू आईबैक्स की तरह तैयार कर इसे वन विभाग ने पर्यटन को प्रचारित करने के लिए स्थापित किया है। दालंग मोड़ के पास रखी इस मूर्ति को अचानक दिखने पर ऐसा आभास हो रहा है कि यह प्राणी जीवित है जो पहाड़ से रास्ता भटक कर यहां पहुंच गया हो। लाहौल-स्पीति जिले में आने वाले पर्यटक ही नहीं बल्कि घाटी के लोग भी दालंग मोड़ के पास खड़ी आईबैक्स की इस मूर्ति को देखकर चौक रहे हैं।
लाहौल घाटी का दालंग मोड़ इन दिनों घाटी आने वाले पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए भी सेल्फी प्वाइंट बन गया है। यहां सड़क किनारे खड़े आईबैक्स (टंगरोल की मूर्ति) हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इन दिनों यह आईबैक्स का फोटो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहा है। यह हिमालयन क्षेत्र में अमूमन 10,000 फीट की ऊंचाई पर विचरने वाला प्राणी है। इसे इन दिनों या सर्दी के मौसम में ही करीब से देखा जा सकता है। पहाड़ में ठंड से झरने और नाले जम जाते हैं ऐसे में यह प्राणी प्यास बुझाने को निचले क्षेत्रों का रुख करते हैं। दालंग निवासी एवं गोंधला पंचायत के उप प्रधान अनिल ने बताया कि दालंग मोड़ के पास स्थापित आईबैक्स की यह मूर्ति हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। लोग इस प्राणी के साथ अपना फोटो सोशल मीडिया में डाल रहे हैं। संवाद
अंजलि दरोगा।-स्वयं