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Kullu News: आसमान से उम्मीदें, जमीन पर चिंता, बर्फ के लिए तरसा लाहौल

Thu, 08 Jan 2026 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
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लाहौल घाटी में शरद् ऋतु के इस मौसम में भी बर्फबारी के न होने से इस तरह से सूखे की चपेट में जमीन
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जनवरी में भी अभी नहीं हुई बर्फबारी, आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं किसान
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लंबा खिंचा हिमपात का इंतजार, सुबह-शाम शुष्ठ ठंड की जकड़ में आई पूरी घाटी
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। कभी सर्दियों में बर्फ की मोटी चादर ओढ़ने वाली लाहौल घाटी इस बार शुष्क ठंड और अनिश्चित मौसम की मार झेल रही है। जनवरी में भी बर्फबारी इंतजार बनकर रह गई है।
किसानों की निगाहें आसमान पर टिकी हैं। शरद ऋतु की बर्फ जो कभी घाटी के लिए जीवनरेखा मानी जाती थी, उसके न होने से आने वाले फसल सीजन को लेकर चिंता गहराने लगी है। घाटी को सुबह-शाम शुष्क ठंड ने जकड़ लिया है। बर्फबारी का इंतजार लंबा खिंचता जा रहा है।
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घाटी के करीब 4500 किसान इस इंतजार में हैं कि घाटी में बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो जाए। दिसंबर, जनवरी या इससे पहले पड़ने वाली बर्फ घाटी के किसानों-बागवानों के साथ वन संपदा के लिए संजीवनी से कम नहीं है। बीती सोमवार देर रात को चंद्रावैली में हल्की बर्फबारी हुई। पट्टन, गाहर, तोद, तिंदी और मयाड़ वैली के पहाड़ों पर बर्फ हल्के फाहों तक ही सीमित रही। लाहौल घाटी के 80 फीसदी परिवार कृषि एवं बागवानी पर निर्भर हैं।

घाटी के बुजुर्ग किसानों का कहना है कि लाहौल घाटी के मौसम में बहुत बदलाव देखने को मिल रहे हैं। बुजुर्ग किसान नंद राम (89) और दोरजे (86) ने कहा कि बदलते मौसम के बीच घाटी के किसानों को जनवरी में भी बर्फबारी का इंतजार करना पड़ रहा है। दिसंबर, जनवरी में पड़ने वाली बर्फ लाभप्रद मानी जाती है। इस बीच पड़ने वाली बर्फ ठंड के चलते पहाड़ों की चोटियों व ग्लेशियरों के ऊपर लंबे समय तक के लिए टिक जाती है जो गर्मियों में धीरे-धीरे रिसकर सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध करवाती है।
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अन्य जिला के मुकाबले घाटी में कम होती है बारिश
कृषि विज्ञान केंद्र कुकुमसेरी के प्रभारी वैज्ञानिक डाॅ. सुभाष कुमार ने कहा कि लाहौल घाटी के किसानों-बागवानों की खेती-बागवानी शरद ऋतु में होने वाली बर्फबारी पर अधिक निर्भर रहती है। यहां बारिश अन्य जिलों के मुकाबले कम होती है। ऐसे में इस समय घाटी में जितनी अधिक बर्फबारी होगी, उतनी ही यह लाभदायक होगी। यह फसलों की सिंचाई के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होती।

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