कुल्लू के रायसन में केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला और इंडियन टूरिज्म हॉस्पिटेलिटी कांग्रेस क
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पतलीकूहल (कुल्लू)। हिमाचल में पर्यटन को बढ़ाने और आधारभूत संरचना को मजबूती की मंशा से कुल्लू के रायसन में मंथन का दौर शुरू हो गया है। मौका है अंतरराष्ट्रीय टूरिज्म कान्फ्रेंस का आयोजन। शुक्रवार को कान्फ्रेंस के शुभारंभ सत्र में केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला एवं हिमाचल विवि के कुलपति प्रोफेसर सत प्रकाश बंसल देवभूमि में पर्यटन विस्तार की संभावनाओं और मौजूदा स्थिति पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने खुलासा किया कि हिमाचल में बुद्धिस्ट टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए कई देशों के साथ एमओयू (सहमति का समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
प्रो. बंसल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सभी तरह के मौसम के लिए टूरिस्ट डेस्टिनेशन की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है। कहा कि प्रदेश में हर तरह के पर्यटन की अपार संभावनाएं है। हिमाचल का केंद्रीय विश्व विद्यालय व प्रदेश पर्यटन विभाग मिलकर प्रदेश को पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं। प्रदेश में किस तरह के पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत है, हमें इस पर फोकस करने की जरूरत है। इसके लिए बेहतर सड़कों व स्टार स्तर के होटलों के निर्माण की आवश्यकता है। प्रदेश में अभी तक कोई भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होटल नहीं है।
राज्य में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बनने व बड़े स्तर के होटल बनने से पर्यटकों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को सर्किट टूरिज्म से जोड़ने के भी प्रयास हो रहे हैं। चार दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में नौ तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इन तकनीकी सत्रों में हुए मंथन से एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार और राज्य सरकार को भेजा जाएगा।
कान्फ्रेंस के शुभारंभ सत्र में विशिष्ट अतिथि सरदार वल्लभभाई पटेल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीडी शर्मा और पंजाब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजकुमार समेत प्रो. दीपक राज गुप्ता, प्रो. संदीप कुलश्रेष्ठ, प्रो. प्रशांत गौतम, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय से विशाल सूद, पर्यटन विभाग के डीन प्रो. सुमन शर्मा और विभागाध्यक्ष डॉ आशीष नाथ भी मौजूद रहे।